BRAKING
• CG Foundation Day: 11 सीटों के वादे पर बना था छत्तीसगढ़, 26 साल बाद भी जनता निभा रही 'अटल' से किया वादा• Punjab Chunav: AAP ने की 40 प्रत्याशियों की घोषणा, पहली लिस्ट में किसी भी कैबिनेट मंत्री का नाम नहीं• IND vs NZ: आखिरी टी-20 में इस धांसू ऑलराउंडर को मिलेगा मौका, ऑकलैंड की शर्मनाक हार के बाद बदलाव संभव• घर बैठे ECG की निगरानी करेगा पोर्टेबल डिवाइस, एआई बताएगा हार्ट में असामान्य बदलाव• Goa Naraka Chaturdashi: क्‍या है गोवा की मशहूर नरक चतुर्दशी जो जोरशोर से मनती है, राक्षस के पुतलों से पट जाती है सड़कें• मुर्गा जल्दी देने की बात पर भड़का कसाई, जिस हथियार से काटता था वहीं युवक के पैर में दे मारा• बिलासपुर में साइबर ठगी का नया पैंतरा, चालान देखने के चक्कर में MR के खाते से उड़े 99 हजार• छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में सारंग एयर शो: किस रूट से पहुंचें, कहां करें पार्किंग, जानिए पूरी डिटेल• Vivah Muhurt: शादी-विवाह पर लगा विराम, अब 145 दिनों बाद फिर गूंजेंगी शहनाइयां• 5 राशियों के लिए अच्‍छे समय का संकेत, देवगुरु बृहस्पति आज कर्क से सिंह राशि में करेंगे गोचर• बिलासपुर के राजेंद्र नगर चौक इलाके की दुकान में लगी आग, दुकानदारों ने खुद ही फैलने से रोकी• रायपुर में नशे में धुत युवकों ने कार से मचाया कहर, बुजुर्ग की मौत; महिला और दो बच्चे घायल• एमएसएमई और विशेष क्लस्टरों से मजबूत हो रही पंजाब की औद्योगिक रीढ़• IND vs NZ: ऑकलैंड टी-20 में भारत की शर्मनाक हार, 40 हजार दर्शकों के सामने फिलिप्स और ब्रेसवेल का धमाल• रातभर फोन चार्ज में लगाकर सोते हैं? जानिए सोते समय मोबाइल चार्ज पर लगाना चाहिए या नहीं?

घर बैठे ECG की निगरानी करेगा पोर्टेबल डिवाइस, एआई बताएगा हार्ट में असामान्य बदलाव

October 31, 2026
11:59 PM
खबर सुनिए
Long-Read AI Assistant
खबर शेयर करें:
👁️5 पाठक

भरत मानधन्या, इंदौर। बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के बीच हृदय से जुड़ी समस्याएं कम उम्र में भी सामने आ रही हैं। ऐसे में समय-समय पर हृदय की गतिविधियों की निगरानी करना जरूरी हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए श्री गोविंदराम सेकसरिया इंस्टिट्यूट आफ टेक्नोलाजी एंड साइंस (एसजीएसआईटीएस) के आईटी और बायोमेडिकल विभाग के शोधार्थियों ने पोर्टेबल हार्ट मानिटरिंग डिवाइस तैयार की है।

डिवाइस की मदद से घर पर ही ईसीजी रिकार्ड किया जा सकेगा। इसमें मिलने वाले ईसीजी डाटा का एआई की मदद से विश्लेषण होगा और हृदय की गतिविधियों में किसी तरह का असामान्य बदलाव मिलने पर मोबाइल ऐप के जरिए अलर्ट दिया जा सकेगा। इसका लाभ यह होगा कि हृदय संबंधी समस्याओं की उपयोगकर्ता को पहले ही जानकारी मिल सकेगी।

इस प्रोजेक्ट को एमटेक के विद्यार्थियों ने IT विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर केके शर्मा और DR. पूजा गुप्ता के मार्गदर्शन में तैयार किया है। विद्यार्थियों ने करीब छह महीने में डिवाइस और इससे जुड़ी मोबाइल ऐप तैयार की है। फिलहाल इसका पेटेंट प्रकाशित हो चुका है और ग्रांट के लिए प्रक्रिया चल रही है।

मोबाइल ऐप में जमा ईसीजी रिकार्ड को जरूरत पड़ने पर रिपोर्ट के रूप में भी उपयोग किया जा सकेगा। उपयोगकर्ता अपने रिकार्ड की पीडीएफ रिपोर्ट तैयार कर सकता है और इसे डाक्टर या परिवार के सदस्यों के साथ साझा कर सकता है। इससे डाक्टर को पिछले कुछ समय के रिकॉर्ड देखने में आसानी हो सकती है।

डिवाइस को पोर्टेबल रखने के लिए इसमें रिचार्जेबल बैटरी का इस्तेमाल किया गया है। इसमें मोबाइल फोन में इस्तेमाल होने वाली बैटरी लगाई गई है। टीम के अनुसार, एक बार पूरी तरह चार्ज करने पर डिवाइस करीब एक सप्ताह तक इस्तेमाल की जा सकती है। इससे इसे घर के अलावा जरूरत के अनुसार दूसरी जगह भी ले जाना आसान होगा। फिलहाल तैयार डिवाइस की लागत करीब 2 हजार रुपये है। बड़े स्तर पर उत्पादन होने पर इसकी कीमत करीब 1500 रुपये तक जा सकती है।

इस डिवाइस का पेटेंट पब्लिश हो चुका है। अब हम पेटेंट की ग्रांट प्रक्रिया पूरी होने और आगे उत्पादन की दिशा में काम करने की तैयारी कर रहे हैं। बड़े स्तर पर उत्पादन होने पर कम कीमत में इसे उपलब्ध कराने के भी प्रयास हैं। – प्रो. केके शर्मा, विभागाध्यक्ष, आईटी विभाग, एसजीएसआईटीएस

खबर शेयर करें:
इस खबर को दोस्तों को भेजें

हेडलाइन और सार के साथ लिंक कॉपी करने के लिए नीचे बटन दबाएं

लेखक:

IND24 न्यूज़ के लिए वरिष्ठ पत्रकार।

सभी खबरें देखें
कॉपी नहीं, शेयर करें!