शोक समाचार: ग्राम दर्राभाठा के वयोवृद्ध विद्वान श्री शत्रुघ्न प्रसाद पाण्डे शास्त्री जी का देवलोकगमन, क्षेत्र में शोक की लहर. . . बिलासपुर (सीपत): बिलासपुर जिले के थाना सीपत अंतर्गत ग्राम दर्राभाठा निवासी एक अत्यंत सम्मानित, धर्मनिष्ठ और विद्वान व्यक्तित्व, स्व. श्री शत्रुघ्न प्रसाद पाण्डे शास्त्री जी का 12 जून 2026 को दुखद निधन हो गया है। उनके इस आकस्मिक गोलोकवास से दर्राभाठा ग्राम, मुड़पार क्षेत्र और समस्त सगे-संबंधियों के बीच गहरी शोक की लहर दौड़ गई है।
संक्षिप्त जीवन परिचय:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्व. श्री शत्रुघ्न प्रसाद शास्त्री जी का जन्म 10 जुलाई 1944 को हुआ था। उनके पिता का नाम स्व. श्री बहोरन प्रसाद पांडे जी था। लगभग 82 वर्ष के अपने सुदीर्घ और सादगीपूर्ण जीवन में उन्होंने हमेशा धर्म, अध्यात्म और समाज कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनकी इसी विद्वत्ता और समर्पण के कारण क्षेत्रवासी उन्हें आदरपूर्वक 'शास्त्री जी' कहकर संबोधित करते थे।
पं. छत्रधर शर्मा द्वारा संस्कृत श्लोकों में विशेष भावभीनी श्रद्धांजलि
शास्त्री जी के गोलोकवास पर नानापुरी, पण्डरिया निवासी पं. छत्रधर शर्मा जी ने अत्यंत भावुक और मार्मिक शब्दों में अपनी विशेष श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने शास्त्री जी के विराट व्यक्तित्व और ग्राम में उनके अमूल्य योगदान को संस्कृत के दो श्लोकों के माध्यम से व्यक्त किया है, जो इस दुःखद घड़ी में शास्त्री जी के प्रति उनके गहरे सम्मान को दर्शाता है:
प्रथम श्लोक: ग्राम की निःशब्दता का वर्णन
दर्राभाठस्य चोत्कर्ष: आदि: शब्दश्च विश्रम:।
त्वयि याते तु निःशब्दो ग्रामोऽयं मौनमागतः॥१॥
भावार्थ: शास्त्री जी के निधन से मानो दर्राभाठा गांव का उत्कर्ष, उसका आदि (प्रारंभ), और उसके शब्द सबने विश्राम ले लिया है। आपके इस संसार से चले जाने पर यह पूरा गांव आज निःशब्द होकर गहन मौन में डूब गया है।
द्वितीय श्लोक: शाश्वत स्मृति और नमन
मूर्तधारास्वरूपस्त्वं नूनं बहसि शाश्वतम्।
शर्मा छत्रधरो ह्द्य साश्रुनेत्रं नमस्यति॥२॥
भावार्थ: आप ज्ञान, धर्म और आदर्शों की उस मूर्त धारा के स्वरूप हैं, जो निश्चित रूप से शाश्वत काल तक प्रवाहित होती रहेगी। आज इसी पुनीत भाव के साथ मैं, छत्रधर शर्मा, अश्रुपूरित नेत्रों से आपको नमन करता हूँ।
व्यक्तिगत विवरण एक नज़र में:
पूरा नाम: स्व. श्री शत्रुघ्न प्रसाद पाण्डे शास्त्री जी
पिता का नाम: स्व. श्री बहोरन प्रसाद पांडे जी
जन्म दिनांक: 10 जुलाई 1944
निधन दिनांक: 12 जून 2026
निवासी: ग्राम दर्राभाठा, पोस्ट मुड़पार, थाना सीपत, जिला बिलासपुर
शास्त्री जी का जाना समाज के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में उच्च स्थान प्रदान करें और शोकाकुल परिवार एवं अंचलवासियों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति दें। ॥ ॐ शांति ॥
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बिलासपुर (सीपत): बिलासपुर जिले के थाना सीपत अंतर्गत ग्राम दर्राभाठा निवासी एक अत्यंत सम्मानित, धर्मनिष्ठ और विद्वान व्यक्तित्व, स्व. श्री शत्रुघ्न प्रसाद पाण्डे शास्त्री जी का 12 जून 2026 को दुखद निधन हो गया है। उनके इस आकस्मिक गोलोकवास से दर्राभाठा ग्राम, मुड़पार क्षेत्र और समस्त सगे-संबंधियों के बीच गहरी शोक की लहर दौड़ गई है।
संक्षिप्त जीवन परिचय:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्व. श्री शत्रुघ्न प्रसाद शास्त्री जी का जन्म 10 जुलाई 1944 को हुआ था। उनके पिता का नाम स्व. श्री बहोरन प्रसाद पांडे जी था। लगभग 82 वर्ष के अपने सुदीर्घ और सादगीपूर्ण जीवन में उन्होंने हमेशा धर्म, अध्यात्म और समाज कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनकी इसी विद्वत्ता और समर्पण के कारण क्षेत्रवासी उन्हें आदरपूर्वक ‘शास्त्री जी’ कहकर संबोधित करते थे। पं. छत्रधर शर्मा द्वारा संस्कृत श्लोकों में विशेष भावभीनी श्रद्धांजलि
शास्त्री जी के गोलोकवास पर नानापुरी, पण्डरिया निवासी पं. छत्रधर शर्मा जी ने अत्यंत भावुक और मार्मिक शब्दों में अपनी विशेष श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने शास्त्री जी के विराट व्यक्तित्व और ग्राम में उनके अमूल्य योगदान को संस्कृत के दो श्लोकों के माध्यम से व्यक्त किया है, जो इस दुःखद घड़ी में शास्त्री जी के प्रति उनके गहरे सम्मान को दर्शाता है:
प्रथम श्लोक: ग्राम की निःशब्दता का वर्णन दर्राभाठस्य चोत्कर्ष: आदि: शब्दश्च विश्रम:। त्वयि याते तु निःशब्दो ग्रामोऽयं मौनमागतः॥१॥ भावार्थ: शास्त्री जी के निधन से मानो दर्राभाठा गांव का उत्कर्ष, उसका आदि (प्रारंभ), और उसके शब्द सबने विश्राम ले लिया है। आपके इस संसार से चले जाने पर यह पूरा गांव आज निःशब्द होकर गहन मौन में डूब गया है।
द्वितीय श्लोक: शाश्वत स्मृति और नमन मूर्तधारास्वरूपस्त्वं नूनं बहसि शाश्वतम्। शर्मा छत्रधरो ह्द्य साश्रुनेत्रं नमस्यति॥२॥ भावार्थ: आप ज्ञान, धर्म और आदर्शों की उस मूर्त धारा के स्वरूप हैं, जो निश्चित रूप से शाश्वत काल तक प्रवाहित होती रहेगी। आज इसी पुनीत भाव के साथ मैं, छत्रधर शर्मा, अश्रुपूरित नेत्रों से आपको नमन करता हूँ। व्यक्तिगत विवरण एक नज़र में:
पूरा नाम: स्व. श्री शत्रुघ्न प्रसाद पाण्डे शास्त्री जी
पिता का नाम: स्व. श्री बहोरन प्रसाद पांडे जी
जन्म दिनांक: 10 जुलाई 1944
निधन दिनांक: 12 जून 2026
निवासी: ग्राम दर्राभाठा, पोस्ट मुड़पार, थाना सीपत, जिला बिलासपुर
शास्त्री जी का जाना समाज के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में उच्च स्थान प्रदान करें और शोकाकुल परिवार एवं अंचलवासियों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति दें। ॥ ॐ शांति ॥
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बिलासपुर (सीपत): बिलासपुर जिले के थाना सीपत अंतर्गत ग्राम दर्राभाठा निवासी एक अत्यंत सम्मानित, धर्मनिष्ठ और विद्वान व्यक्तित्व, स्व. श्री शत्रुघ्न प्रसाद पाण्डे शास्त्री जी का 12 जून 2026 को दुखद निधन हो गया है। उनके इस आकस्मिक गोलोकवास से दर्राभाठा ग्राम, मुड़पार क्षेत्र और समस्त सगे-संबंधियों के बीच गहरी शोक की लहर दौड़ गई है। संक्षिप्त जीवन परिचय: प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्व. श्री शत्रुघ्न प्रसाद शास्त्री जी का जन्म 10 जुलाई 1944 को हुआ था। उनके पिता का नाम स्व. श्री बहोरन प्रसाद पांडे जी था। लगभग 82 वर्ष के अपने सुदीर्घ और सादगीपूर्ण जीवन में उन्होंने हमेशा...
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सौजन्य: *IND 24 न्यूज़*