BRAKING
UPI यूजर्स ध्यान दें! 2 हजार से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर लगेगा 5 रुपये चार्ज, आपकी जेब पर पड़ेगा असर या नहीं? Santan Saptami 2026: 18 सितंबर को मनेगी संतान सप्‍तमी, जानिए महत्‍व, व्रत कथा और व्रत की विधि Vivah Muhurt: शादी-विवाह पर लगा विराम, अब 145 दिनों बाद फिर गूंजेंगी शहनाइयां दुर्घटना के कारण वॉकिंग टेस्ट छूटा, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने वन रेंजर अभ्यर्थी को दिया मौका छत्तीसगढ़ में बेमेतरा के सीएमएचओ पर कड़ी कार्रवाई: महिला स्वास्थ्य अधिकारियों से अभद्र व्यवहार के आरोप पर निलंबित Aaj Ka Rashifal 15 September 2026: कर्क राशि वालों के महत्वपूर्ण कार्य सफल होने के योग, पढ़ें आज का राशिफल कोरबा में पता पूछने वालो से रहे सावधान! सुध-बुध भूली महिला ने स्वयं अपने हाथों से उतारकर ठगों को दिए गहने बिलासपुर के गौरेला थाना क्षेत्र में पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी पति गिरफ्तार, झाड़ियों में मिला था शव छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर से क्यों बढ़ रहा बिजली बिल? 2-3 गुना बिल की शिकायतों के बीच एक्सपर्ट ने बताए कारण BRICS Summit ने लौटाया 80 के दशक वाला कनॉट प्लेस, अतिक्रमण हटने के बाद बदली तस्वीर, बाजारों में बढ़ी रौनक मोहसिन नकवी के सामने फूटा भारतीय फैंस का गुस्सा, स्टेडियम में गूंजा 'ट्रॉफी चोर, ट्रॉफी चोर', दुबई से दुम दबाकर भागे iPhone 17 Pro खरीदने का शानदार मौका, Croma पर 69,990 रुपये में मिलेगा 256GB मॉडल डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन और सात दिन वाले गणेशोत्‍सव में कब होगा विसर्जन? देखें सभी तारीखें देवरी-चिचौली में हसदेव नदी हादसा, तीसरे दिन मिले बिलासपुर के दो और छात्रों के शव, तलाशी अभियान पूरा जशपुर में विधवा महिला से दुष्कर्म के आरोपित आरक्षक की अग्रिम जमानत याचिका छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने की खारिज

छत्तीसगढ़ में सनातन संस्कृति का नया केंद्र: जगद्गुरु शंकराचार्य जी के कर-कमलों से ‘श्रुतिशंकर वेदपाठशाला’ के पैंपलेट का हुआ भव्य विमोचन

खबर के मुख्य बिंदु:
  • साक्षात् जगद्गुरु का मिला आशीर्वाद
  • आचार्य उद्देश्य शास्त्री जी का मुख्य नेतृत्व
  • बेमेतरा के उसलापुर में निर्माण
  • वेद और संस्कृति का अनूठा संगम
June 2, 2026
9:44 PM
खबर सुनिए
Long-Read AI Assistant
खबर शेयर करें:
👁️73 पाठक

श्रृंगेरी/बेमेतरा: छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। बेमेतरा जिले के ग्राम उसलापुर में बनने जा रही भव्य ‘श्रुतिशंकर वेदपाठशाला, श्रीवरसिद्ध विनायक भगवती श्रीशारदा परमेश्वरी श्रीआद्य शंकराचार्य मंदिर’ के आधिकारिक पैंपलेट का गरिमामयी विमोचन संपन्न हो गया है। यह पावन कार्य साक्षात् सनातन धर्म के सर्वोच्च मार्गदर्शकों में से एक, पूज्यपाद अनंतश्रीविभूषित दक्षिणाम्नाय श्रृंगेरी शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य श्री श्री विधुशेखर भारती महास्वामी जी के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ।
​इस पावन परियोजना की परिकल्पना और इसके मार्गदर्शक आचार्य उद्देश्य शास्त्री जी हैं, जिनके विशेष प्रयासों और अगुवाई में इस पूरे प्रकल्प की रूपरेखा तैयार की गई है। तिथि के अनुसार, ज्येष्ठ कृष्ण प्रतिपदा (तदनुसार 1 जून 2026) को कर्नाटक के पवित्र तीर्थ स्थल श्रृंगेरी में आचार्य उद्देश्य शास्त्री जी एवं अन्य गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति में इस परियोजना को जगद्गुरु शंकराचार्य जी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसे उन्होंने सहर्ष अपना दिव्य आशीर्वाद प्रदान किया।

​1. साक्षात् जगद्गुरु का मिला आशीर्वाद:
श्रृंगेरी शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य श्री श्री विधुशेखर भारती महास्वामी जी ने स्वयं अपने कर-कमलों से इस वेदपाठशाला और मंदिर परिसर के पैंपलेट का विमोचन किया, जो छत्तीसगढ़ के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है।
​2. आचार्य उद्देश्य शास्त्री जी का मुख्य नेतृत्व:
इस पूरी वृहद् परियोजना का कुशल संचालन और मार्गदर्शन प्रख्यात आचार्य उद्देश्य शास्त्री जी द्वारा किया जा रहा है। उनके ही विशेष संकल्प से छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर इस वैदिक केंद्र की स्थापना हो रही है।
​3. बेमेतरा के उसलापुर में निर्माण:
यह विशाल और महत्वाकांक्षी धार्मिक-शैक्षणिक केंद्र छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम उसलापुर में निर्मित होने जा रहा है। इससे ग्रामीण अंचल में वैदिक शिक्षा और सनातन संस्कारों का प्रवाह तेज होगा।
​4. वेद और संस्कृति का अनूठा संगम:
यह परिसर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि एक जीवंत वेदपाठशाला होगी। यहाँ भगवान श्रीवरसिद्ध विनायक, भगवती श्रीशारदा परमेश्वरी और आद्य शंकराचार्य जी की आराधना के साथ-साथ युवाओं को वेदों, उपनिषदों और शास्त्रों की उच्च शिक्षा दी जाएगी।
​विस्तृत विवरण और आगामी योजनाएं
​इस ऐतिहासिक विमोचन के अवसर पर श्रृंगेरी पीठ में आध्यात्मिक ऊर्जा और हर्ष का माहौल रहा। जगद्गुरु शंकराचार्य श्री श्री विधुशेखर भारती महास्वामी जी ने पैंपलेट का गहनता से अवलोकन किया और छत्तीसगढ़ में वैदिक परंपराओं के संरक्षण के लिए किए जा रहे इस प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
​आचार्य उद्देश्य शास्त्री जी ने इस अवसर पर कहा कि इस वेदपाठशाला का मुख्य उद्देश्य आधुनिक समाज के युवाओं को अपनी प्राचीन गौरवशाली संस्कृति और वेदों के ज्ञान से जोड़ना है। यहाँ विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क आवास और उत्तम वैदिक शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। इस पैंपलेट विमोचन के बाद अब जल्द ही छत्तीसगढ़ के उसलापुर में भूमि-पूजन और निर्माण कार्य की शुरुआत की जाएगी, जिसमें देश भर के पूज्य संतों और विद्वानों का आगमन होगा।
​विशेष नोट: इस वेदपाठशाला के निर्माण से छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल में वैदिक ऋचाओं का गूंजना क्षेत्र के आध्यात्मिक और सामाजिक उत्थान के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

खबर शेयर करें:
इस खबर को दोस्तों को भेजें

हेडलाइन और सार के साथ लिंक कॉपी करने के लिए नीचे बटन दबाएं

लेखक:

Harsh Sharma

IND24 न्यूज़ के लिए वरिष्ठ पत्रकार।

सभी खबरें देखें
कॉपी नहीं, शेयर करें!