खगोलीय सौगात: शाम ढलते ही आसमान में एक साथ दिखे चंद्र, शुक्र और बृहस्पति, अद्भुत नजारों से सराबोर हुआ पश्चिमी आकाश. . . सीपत, बिलासपुर (छ.ग.)
संवाददाता: नीरज कुमार चन्द्राकर।
इन दिनों शाम ढलते ही पश्चिमी दिशा का आकाश किसी जादुई दृश्य की तरह दिखाई दे रहा है। अंतरिक्ष में एक अत्यंत दुर्लभ और मनमोहक खगोलीय घटना घटित हो रही है, जिसने आम नागरिकों से लेकर खगोल प्रेमियों तक सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। आसमान में चंद्रमा, शुक्र (वीनस) और बृहस्पति (जुपिटर) एक-दूसरे के बेहद करीब नजर आ रहे हैं।
1. आकाश में सजी अद्भुत 'त्रिमूर्ति'।
सूर्यास्त के ठीक बाद जब आकाश का रंग गहरा नीला होने लगता है, तब यह खगोलीय मिलन स्पष्ट दिखाई देने लगता है। इस दृश्य में सबसे ऊपर अपनी तीव्र चमक के साथ शुक्र (वीनस) ग्रह विराजमान है, वहीं नीचे की ओर बृहस्पति (जुपिटर) अपनी मध्यम रोशनी से चमक रहा है। इन दोनों के बीच में स्थित चंद्रमा अपनी शीतल और मनमोहक आभा बिखेरते हुए इस दृश्य में चार चांद लगा रहा है। आप इस विहंगम दृश्य को फाइल "चित्र" में देख सकते हैं, जो इस घटना की स्पष्ट झलक प्रस्तुत करती है।
2. बिना किसी उपकरण के देख सकते हैं यह अद्भुत नजारा।
यह खगोलीय घटना इतनी स्पष्ट है कि इसे देखने के लिए किसी महंगे टेलीस्कोप या दूरबीन की आवश्यकता नहीं है। यदि मौसम साफ हो, तो सूर्यास्त के कुछ समय बाद ही इसे खुली आंखों से आसानी से निहारा जा सकता है। इस लुभावने नज़ारे को देखकर लोग अभिभूत हैं और अपनी बालकनी या छत से इसकी तस्वीरें और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर लगातार साझा कर रहे हैं।
3. वैज्ञानिक दृष्टिकोण: क्या है यह खगोलीय घटना?
खगोल विशेषज्ञों के अनुसार, घबराने या इसे कोई चमत्कार मानने की आवश्यकता नहीं है। वास्तव में, यह केवल एक 'दृष्टिगत निकटता' (Visual Alignment) है। अंतरिक्ष की विशालता में चंद्रमा, शुक्र और बृहस्पति एक-दूसरे से करोड़ों किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, लेकिन पृथ्वी की कक्षा और उनकी स्थिति के कारण, वे हमें एक सीध में और एक-दूसरे के करीब दिखाई दे रहे हैं। यह एक शुद्ध वैज्ञानिक और प्राकृतिक प्रक्रिया है।
4. कब तक दिखेगा यह खगोलीय मिलन?
यह दुर्लभ खगोलीय नजारा अगले कुछ दिनों तक सूर्यास्त के बाद पश्चिमी क्षितिज पर देखा जा सकेगा। खगोल वैज्ञानिकों का सुझाव है कि इस दृश्य को देखने के लिए सूर्यास्त के ठीक बाद का समय सबसे उपयुक्त है, क्योंकि जैसे-जैसे रात गहरी होती है, ये ग्रह-उपग्रह क्षितिज के नीचे चले जाते हैं।
संवाददाता नीरज कुमार चन्द्राकर की विशेष रिपोर्ट - ind24news.in
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सीपत, बिलासपुर (छ.ग.) संवाददाता: नीरज कुमार चन्द्राकर।
इन दिनों शाम ढलते ही पश्चिमी दिशा का आकाश किसी जादुई दृश्य की तरह दिखाई दे रहा है। अंतरिक्ष में एक अत्यंत दुर्लभ और मनमोहक खगोलीय घटना घटित हो रही है, जिसने आम नागरिकों से लेकर खगोल प्रेमियों तक सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। आसमान में चंद्रमा, शुक्र (वीनस) और बृहस्पति (जुपिटर) एक-दूसरे के बेहद करीब नजर आ रहे हैं।
1. आकाश में सजी अद्भुत ‘त्रिमूर्ति’।
सूर्यास्त के ठीक बाद जब आकाश का रंग गहरा नीला होने लगता है, तब यह खगोलीय मिलन स्पष्ट दिखाई देने लगता है। इस दृश्य में सबसे ऊपर अपनी तीव्र चमक के साथ शुक्र (वीनस) ग्रह विराजमान है, वहीं नीचे की ओर बृहस्पति (जुपिटर) अपनी मध्यम रोशनी से चमक रहा है। इन दोनों के बीच में स्थित चंद्रमा अपनी शीतल और मनमोहक आभा बिखेरते हुए इस दृश्य में चार चांद लगा रहा है। आप इस विहंगम दृश्य को फाइल “चित्र” में देख सकते हैं, जो इस घटना की स्पष्ट झलक प्रस्तुत करती है।
2. बिना किसी उपकरण के देख सकते हैं यह अद्भुत नजारा।
यह खगोलीय घटना इतनी स्पष्ट है कि इसे देखने के लिए किसी महंगे टेलीस्कोप या दूरबीन की आवश्यकता नहीं है। यदि मौसम साफ हो, तो सूर्यास्त के कुछ समय बाद ही इसे खुली आंखों से आसानी से निहारा जा सकता है। इस लुभावने नज़ारे को देखकर लोग अभिभूत हैं और अपनी बालकनी या छत से इसकी तस्वीरें और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर लगातार साझा कर रहे हैं।
3. वैज्ञानिक दृष्टिकोण: क्या है यह खगोलीय घटना?
खगोल विशेषज्ञों के अनुसार, घबराने या इसे कोई चमत्कार मानने की आवश्यकता नहीं है। वास्तव में, यह केवल एक ‘दृष्टिगत निकटता’ (Visual Alignment) है। अंतरिक्ष की विशालता में चंद्रमा, शुक्र और बृहस्पति एक-दूसरे से करोड़ों किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, लेकिन पृथ्वी की कक्षा और उनकी स्थिति के कारण, वे हमें एक सीध में और एक-दूसरे के करीब दिखाई दे रहे हैं। यह एक शुद्ध वैज्ञानिक और प्राकृतिक प्रक्रिया है।
4. कब तक दिखेगा यह खगोलीय मिलन?
यह दुर्लभ खगोलीय नजारा अगले कुछ दिनों तक सूर्यास्त के बाद पश्चिमी क्षितिज पर देखा जा सकेगा। खगोल वैज्ञानिकों का सुझाव है कि इस दृश्य को देखने के लिए सूर्यास्त के ठीक बाद का समय सबसे उपयुक्त है, क्योंकि जैसे-जैसे रात गहरी होती है, ये ग्रह-उपग्रह क्षितिज के नीचे चले जाते हैं।
संवाददाता नीरज कुमार चन्द्राकर की विशेष रिपोर्ट – ind24news.in
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*खगोलीय सौगात: शाम ढलते ही आसमान में एक साथ दिखे चंद्र, शुक्र और बृहस्पति, अद्भुत नजारों से सराबोर हुआ पश्चिमी आकाश*
सीपत, बिलासपुर (छ.ग.) संवाददाता: नीरज कुमार चन्द्राकर। इन दिनों शाम ढलते ही पश्चिमी दिशा का आकाश किसी जादुई दृश्य की तरह दिखाई दे रहा है। अंतरिक्ष में एक अत्यंत दुर्लभ और मनमोहक खगोलीय घटना घटित हो रही है, जिसने आम नागरिकों से लेकर खगोल प्रेमियों तक सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। आसमान में चंद्रमा, शुक्र (वीनस) और बृहस्पति (जुपिटर) एक-दूसरे के बेहद करीब नजर आ रहे हैं। 1. आकाश में सजी अद्भुत 'त्रिमूर्ति'। सूर्यास्त के ठीक बाद जब आकाश का रंग गहरा नीला होने लगता है, तब यह खगोलीय मिलन स्पष्ट दिखाई देने लगता है। इस दृश्य...
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